क्षेत्र 04
डिजिटल लॉजिक
एक, शून्य और हर कंप्यूटर के अंदर होने वाले फ़ैसले
डिजिटल लॉजिक कंप्यूटरों की भाषा है। हाँ या ना में जवाब देने वाले सरल गेटों को मिलाकर ऐसे उपकरण बनाए जा सकते हैं, जो गिनती करते हैं, याद रखते हैं और फ़ैसले लेते हैं।
आप क्या सीखेंगे
- बाइनरी सिग्नल क्या होते हैं: 1 और 0, चालू और बंद
- AND (और), OR (या), NOT (नहीं) गेट कैसे काम करते हैं
- ट्रुथ टेबल (सत्यमान सारणी) कैसे पढ़ें और बनाएँ
- गेट मिलकर गिनने और याद रखने वाले सर्किट कैसे बनाते हैं
प्रयोगों के उदाहरण
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दो स्विच और एक AND गेट से ऐसी बत्ती बनाएँ, जो दोनों बटन दबाने पर ही जले।
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ऐसा सर्किट बनाएँ, जो दो दरवाज़ों में से कोई भी खुलने पर लैंप जला दे।
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दो बाइनरी संख्याएँ जोड़ने के लिए गेटों को मिलाएँ।
आप क्या बना सकते हैं
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गुप्त कोड वाला ताला
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बाइनरी काउंटर
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ट्रैफ़िक लाइट का एक सरल कंट्रोलर
ये उदाहरण दिखाते हैं कि इस क्षेत्र में किस तरह का काम होता है। प्रकाशित पाठ इनसे अलग हो सकते हैं।
एक छोटा मॉडल आज़माएँ
ये छोटे मॉडल यहीं, आपके ब्राउज़र में चलते हैं, और पेज लोड हो जाने के बाद ऑफ़लाइन भी चलते रहते हैं। ये पढ़ाने के लिए बने सरलीकृत मॉडल हैं, MEKALUMI का सिमुलेशन इंजन नहीं।
लॉजिक गेट
इनपुट को चालू और बंद करें, फिर कोई गेट चुनें। लैंप आउटपुट दिखाता है।
- आउटपुट
- लैंप बुझा है (0)
AND: लैंप तभी जलता है, जब A और B दोनों 1 हों।
| A | B | आउटपुट |
|---|---|---|
| 0 | 0 | 0 |
| 0 | 1 | 0 |
| 1 | 0 | 0 |
| 1 | 1 | 1 |
लॉजिक गेट सटीक नियमों का पालन करते हैं, इसलिए यह मॉडल असली डिजिटल लॉजिक की तरह ही काम करता है।
सिमुलेशन किन बातों को सरल बनाता है
- ज़्यादातर पाठों में सिग्नल तुरंत बदल जाते हैं, जबकि असली चिप्स को इसके लिए बहुत थोड़ा समय लगता है।
- बिजली की खपत और नॉइज़ (विद्युत गड़बड़ी) जैसी विद्युत बारीकियाँ आम तौर पर छोड़ दी जाती हैं।
हर सिमुलेशन असलियत को सरल बनाता है। वह ऐसा कैसे करता है, यह जानना भी इंजीनियरिंग सीखने का हिस्सा है।
स्कूल के विषयों से संबंध
गणित (बाइनरी संख्याएँ), कंप्यूटर विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स
दूसरे क्षेत्रों से संबंध
डिजिटल लॉजिक एक ओर सर्किट को और दूसरी ओर ऑटोमेशन, प्रोग्रामिंग और रोबोटिक्स को आपस में जोड़ता है।
जानने लायक बात
हर कंप्यूटर और फ़ोन में अरबों छोटे-छोटे स्विच होते हैं, जो लॉजिक गेट की तरह काम करते हैं।